Monday, December 26, 2011

कैसे देखते है अपने इष्ट देव को ?

संसार का प्रत्येक जीव अपने अपने समय में अपने अपने गण को लेकर पैदा होता है। जो जिसका गण होता है उसी के अनुसार व्यक्ति के इष्ट को समझा जाता है.जन्म कुंडली में बारह राशिया है और लगन में जो राशि होती है उस राशि का मालिक ही व्यक्ति के गण का मालिक होता है उस मालिक के गण का प्रमुख देवता कौन सा है वह अपने अपने धर्म के अनुसार ही माना जाता है। उदाहरण के लिये कर्क लगन की कुंडली है और इस लगन का मालिक चन्द्रमा है,चन्द्रमा तीसरे भाव मे है और चन्द्रमा की राशि कन्या है.कन्या राशि का मालिक बुध है,बुध ही जातक का इष्टदेव का कारक है,बुध अगर तुला राशि का होकर चौथे भाव मे सूर्य और शुक्र के साथ बैठा है तो जातक के लिये माना जाता है कि जातक के पिता और माता ने मिलकर मनौती को मांग कर पुत्र को प्राप्त किया है वह मनौती जातक के पिता के ही इष्ट का दूसरा रूप रखने वाली देवी के लिये कहा जा सकता है। हर ग्रह का अलग अलग देवता होता इस बात को वैसे तो मतान्तर से भेद रखने वाली बाते मिलती है लेकिन सही रूप में जानने के लिये लाल किताब ने बहुत ही बारीकी से ग्रह और उसके देवता का वर्णन किया है। जैसे सूर्य से विष्णु को मानते है,चन्द्रमा से शिवजी को मानते है मंगल से हनुमान जी को भी मानते है और अगर मंगल बद होता है तो हनुमान जी की जगह पर भूत प्रेत पिशाच की सेवा करने के कारण मिलने लगते है,बुध को दुर्गा के लिये जाना जाता है गुरु को ब्रह्मा जी से जोडा गया है शुक्र को लक्ष्मी से जोड कर देखा गया है,शनि को भैरों बाबा के लिये पूजा जाता है और राहु को सरस्वती के लिये तथा केतु को गणेशजी के लिये समझा जाता है। लालकिताब के अनुसार जातक का इष्टदेव देवी दुर्गा ही मानी जायेगी। अगर कुंडली मे शनि की स्थिति मार्गी है तो देवी की मूर्ति की पूजा मे ध्यान लगाना फ़ायदा देने वाला माना जाता है शनि के वक्री होने पर मूर्ति की जगह पर दिमागी पूजा यानी मंत्र जाप आदि से फ़ल मिलना माना जा सकता है। इसी प्रकार से जैसे इस कुंडली मे बुध के साथ सूर्य भी है और शुक्र भी है शनि सामने होकर दसवे भाव मे विराजमान है.तुला राशि को पश्चिम की दिशा मानी जाती है,भारत मे चार दिशाओं में भगवान विष्णु के चार धाम है,पूर्व मे जगन्नाथ को विष्णु को रूप में उत्तर में बद्री विशाल को पश्चिम मे द्वारिकाधीश को और दक्षिण में भगवान विष्णु को राम के रूप मे पूजा जाता है.शुक्र और बुध तुला राशि के सूर्य के साथ है तो राधा और रुक्मिणी के साथ द्वारकाधीश की प्रतिमा को जाहिर करते है। सूर्य और शुक्र के साथ बुध की स्थिति पानी वाले भाव यानी चौथे भाव मे है इसलिये अष्टम भाव का राहु समुद्र के किनारे की बात को उजागर करता है,इसलिये इस कुन्डली मे द्वारिकाधीश के साथ राधा और रुक्मिणी की पूजा को करना और उन्हे मानना सही और फ़लदायी माना जा सकता है। राधा लक्ष्मी रूप मे और रुक्मिणी शक्ति के रूप मे अपना अपना फ़ल जातक को देने वाली है। लेकिन यहां एक शंका यह पैदा होती है कि अगर जातक इन्ही ग्रहों को लेकर इंग्लेंड मे पैदा हुआ है तो वह द्वारिकाधीश और राधा रुक्मिणी को कहां से प्राप्त करेगा। भारतीय भू-भाग पर पैदा होने के बाद तो चारो दिशाओं के सूर्य को विष्णु के रूप में मान भी लिया गया है। इंगेलंड मे इन ग्रहों के कारक बदल जायेंगे,इन कारकों में सूर्य के स्थान पर राज्य का मालिक या राजा होगा,और शुक्र तथा बुध के कारको में वह राजकीय धन और कानूनो का मालिक होगा। जहां लोग ईश्वर पर विश्वास रखते है वहां पर यह ग्रह ईश्वरीय शक्ति के रूप मे देखे जाते है और जहां मनुष्य केवल कर्म पर विश्वास रखता है वहां यह ग्रह मनुष्य रूप में स्थापित अधिकारियों के रूप मे काम करने लगते है।

77 comments:

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  2. KANYA LAGNA MEEN RASHI
    1 HOUSE
    2 HOUSE - KETU
    3 HOUSE - SHANI HARSHAL
    4 HOUSE - VARUN
    5 HOUSE - GURU
    6 HOUSE -
    7 HOUSE - BHUDH SHUKRA CHANDRA
    8 house - SURYA RAHU
    9 house - MANGAL
    GURUJI MERA DEO KONSA HAI

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  3. शुक्र यानी लक्ष्मी तुम्हारी इष्टदेवता है.

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  4. LEKIN KANYA LAGNA KI KUNDALI HAI, CHANDRA MEEN RASHI ME HAI MEEN RASHI KA SWAMI PANCHAM ME MAKAR RASHI ME VIRAJMAN HAI.GURUJI THODA SAMJAYIE

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  5. लेकिन अरन्तु परन्तु का जबाब देना भारी है,धर्म का क्षेत्र लगन पंचम और नवम में लगन खाली है अर्थ के क्षेत्र में केवल केतु का राज है,काम यानी पत्नी बच्चे आदि के क्षेत्र में शनि बुध शुक्र चन्द्र है,मोक्ष यानी शान्ति के क्षेत्र में सूर्य राहु है,इस प्रकार से जीवन मे केवल सूर्य राहु का कारण शांति प्रदान नही करने दे रहा है,केतु धन यानी अर्थ के क्षेत्र मे खालीपन दे रहा है काम के क्षेत्र मे जूझने के लिये ही शनि बुध शुक्र चन्द्र अपना प्रभाव दे रहे है.शुक्र को अगर भाग्य क्षेत्र मे स्थान दे दिया जाये तो और इष्ट के रूप मे लक्ष्मी आराधना की जाये तो दूसरा भाव और नवा भाव जाग्रत हो जायेगा,काम के क्षेत्र मे शुक्र का उच्च का होना और चन्द्रमा का सहयोग देना फ़लदायी हो जायेगा,अगर शुक्र की आराधना नही की जाती है तो सप्तम मे बैठा बुध बनते कामो को फ़ल देने के समय मे बरबाद कर देगा.

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  6. guruji purvajo ka dhan kise ne hadap liya ho yeh ravi aur rahu k yog k karan hota hai kya.krupaya margadarshan kare.

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  7. राहु से दादा सूर्य से पिता केतु से दादी नाना इनसे सप्तम के कारक ग्रह से हडपना माना जाता है लेकिन चल पूंजी का भाव दूसरा है स्थिर पूंजी का भाव चौथा है चल और अचल के लिये ग्यारहवां देखा जाता है.

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  9. गुरूजी, मेरी मकर लग्न की कुण्डली है। प्रथम भाव में 10 गुरू
    द्वितीय भाव में 11
    त्रतीय भाव में 12
    चतुर्थ भाव में 1 राहु
    पंचम भाव में 2 चंद्र
    षष्टम भाव में 3
    सप्तम भाव में 4
    अष्टम भाव में 5
    नवम भाव में 6 शुक्र मंगल
    दशम भाव में 7 सूर्य केतू
    एकादश भाव में 8 शनि बुध
    द्वादश भाव में 9
    मेरे इष्ट देव कौन है?
    बताने की क्रपा करें।
    धन्यवाद

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  10. गुरूजी, मेरी मकर लग्न की कुण्डली है। प्रथम भाव में 10 गुरू
    द्वितीय भाव में 11
    त्रतीय भाव में 12
    चतुर्थ भाव में 1 राहु
    पंचम भाव में 2
    षष्टम भाव में 3
    सप्तम भाव में 4
    अष्टम भाव में 5
    नवम भाव में 6
    दशम भाव में 7केतू, चंद्र, मंगल
    एकादश भाव में 8 शनि
    द्वादश भाव में सूर्य , शुक्र, बुध
    मेरे इष्ट देव कौन है?
    बताने की क्रपा करें।
    धन्यवाद

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  11. आपकी कुंडली के अनुसार चन्द्र केतु मंगल की कारक माता काली आपकी इष्ट है जो आपको जीवन मे तकनीकी बिजली पावर आदि क्षेत्र मे सफ़लता देती है और आप लोगो के प्रति अपनी कटु नीति से दुखो को दूर करने की सोचते है,लेकिन पत्नी की गुस्से वाली नीति आपको तभी परेशान करने लगती है जब आप तामसी कारणो को खुद के प्रति प्रयोग करना शुरु कर देते है।

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  12. namste sir ji, mera lagna mesh he .
    1 house - kuch nahi
    2 house - guru
    3 house - khali
    4 house - chandra and shukra
    5 house -surya and ketu
    6 house - budha
    7 house - khali
    8 house - khali
    9 house - shanni
    10 house - khali
    11 house - rahu
    12 house - mangal
    kya pls aap batanege ke ki mere isht dev kon honge?

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    1. आपके भाग्य के मालिक गुरु है गुरु भाग्य के लिये आठवे भाव को देख रहे है आपके आठवे भाव का रूप तब और बढ जाता है जब आपके लगनेश मंगल की नवी युति आठवे भाव से है और आपके आठवे भाव के मालिक भी मंगल है.मंगल की युति छठे बुध से भी है मंगल बुध की युति अगर बारहवे भाव से मिलती है तो इष्ट के रूप मे "माँ तारा" का रूप सामने आता है.माता तारा का स्थान दक्षिण-पूर्व दिशा में माना जाता है,साथ ही इनका मुख्य पीठ तारापीठ है जो कलकत्ता के पास से वर्द्धमान स्टेशन से रामपुर हाट के लिये रेल से जाया जाता है वहां से लोकल ट्रांसपोर्ट से पहुंचा जा सकता है.माता तारा का रूप माता काली से मिलता जुलता है और जब भगवान शिव ने समुद्र मंथन के बाद हलाहल को पिया था तब उन्हे मातृवत अपना क्षीर पिलाकर उनको हलाहल के असर से बेअसर किया था। माता तारा का मंत्र है - "ऊँ तारे तुरुतुरे तुरे स्वाहा" इनकी पूजा का समय सुबह को चार बजे है,माता तारा के लिये चढाया जाने वाला भोग रसगुल्ला है,बिना सुगन्ध का लाल गुडहल का फ़ूल इनकी शोभादान के लिये है लाल वस्त्र और चुनरी आदि चढाने का नियम है,तारापीठ द्वारका नदी के किनारे पर है,तांत्रिकों की साधना की जगह भी है.

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  13. प्रणाम,
    गुरूजी कृपया मुझे मेरी उन्दाली अनुसार किसकी साधना करना चाहिए यह बताये, में नीचे अपनी कुंडली का विवरण दे रहा हूँ.

    Mesh Lagn

    1 mesh lagn, rahu stith - 00:57:00 degree
    2 Blank
    3 Blank
    4 Surya 26:59:00, Budh- 08:16:00 degree
    5 Blank
    6 Shukra 12:28:00 degree
    7 Ketu - 00:57:00
    8 Chandra - 04:58:00, Shani - 09:26:00 degree
    9 Mangal - 17:48:00 Digree
    10 Blank
    11 Brihaspati - 27:36:31 digree Vakri
    12 Blank.

    Kripya Bataye Mujhe Kiski Sadhna Karna Chahiye.

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    1. ग्रहो मे सूर्य की आराधना और देवताओं मे विष्णु की उपासना ही आपके लिये फ़ल दायी है,इसके अलावा राजनीति शास्त्र की पढाई और राजनेताओं से सम्बन्ध बनाये रखना सरकारी क्षेत्र के कामो को जनता के हित मे करते रहना सजावटी कामो को लकडी आदि के काम से घरो को सजाने का काम करते रहना भी आपके लिये हितकारी है.

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    2. प्रणाम गुरूजी.
      जी गुरूजी मेरे मन में एक शंका है कृपया उसका समाधान करे, इस शंका की वजह से ही में बहोत परेशां हूँ, कृपया इसका समाधान कर मुझ पर कृपा करे.

      गुरूजी मेने कुछ लेखों में पड़ा है की अगर ५ घर पर गुरु की दृष्टि हो तो शिव जी की आराधन करनी चाहिए और ५ घर से अगर सूर्य का सम्बन्ध हो तो साधक को शक्ति की उपशाना करनी चाहिए.

      एवं मेने यह और पड़ा है की अगर ९ भाव में मंगल हो तो साधक को शिव जी की उपासना करना चाहिए,

      में बस इसी बजह से बहोत दुविधा में हूँ और इसलिए कुछ भी निश्चित नहीं कर प् रहा हूँ, की मुझे किसकी उपासना करना चाहिए कृपया मेरी शंका का समाधान करे ।
      प्रणाम गुरूजी ।

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    3. दुविधा मे दोनो गये माया मिली न राम !

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    4. Are Guruji yahi to kaha mene bhi :) duvidha me dono gaye maya mili na ram, Kripya bataye maya ke peeche bhagun ya ram ke peechhe.

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    5. सचिन जी जो माया के पीछे भागते है उन्हे राम समझ मे नही आते है और जिन्हे राम समझ मे आते है उन्हे माया समझ मे नही आती है - (माया महा ठगिनी हम जानी,देखन मे लगे नई नई पर सूरत जानी पहिचानी,माया महा ठगिनी हम जानी)

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  14. गुरूजी अर्थात मुझे श्री राम या श्री कृष्ण की उपासना करनी चाहिये । कृपया मुझे यह और बताये की क्या में कृष्ण गायत्री अथवा राम गायत्री मंत्र की उपासना कर सकता हुं ।

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    1. राम गायत्री और कृष्ण गायत्री मे कोई अन्तर नही है कारण राम सूर्य है कृष्ण सूर्य है सूर्य विष्णु रूप है,इन सब के लिये सूर्य गायत्री जो गायत्री मंत्र के रूप मे प्रचिलित है,को त्रिसन्ध्या गायत्री के रूप मे जाप आदि करना सही माना जा सकता है.

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  15. mera tula lagan hai shani aur guru dhanu(third house main), sun in maker(4th house), budh aur ketu kumbh(5th house), sukra in meen (6th house), mangal mithun (9th house), moon in cancer (10th house), rahu in singh (11th house)
    mere isht dev kaun se hain.
    main maa durga ki aur hanumaan ji ki upasana karta huin.

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    1. आप अपने अनुसार उपासना सही कर रहे है लेकिन आपको दुर्गा और हनुमान जी के मिश्रित रूप माता काली की उपासना करना सही है और मंत्र ऊँ क्रीं कालिका ह्रीं साध्वी नमो नम: का जाप करना चाहिये.शनिवार का व्रत करना और तेल का दीपक जलाना चाहिये.

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  16. dhanyavaad guru ji. aap article likh kar samaj ka bahut hi bhala kar rahe hain.aap ka article pad kar ham bhi rameshwaram gangajal le ker gaye aur rudrabhishek kiye.bahut bahut dhanyavaad.

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    1. हरीश जी आपने अपने जीवन को धन्य किया और रामेश्वरम मे जाकर रामनाथ की उपासना की इससे अच्छा और सौभाग्य कैसे मिल सकता है बाबा आपकी हर मनोकामना को पूरा करे.

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  17. thankyou guru ji aapka hi ashirvaad se hi rameshawaram ke darshan aur pur sambhave ho pai hai

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  18. aapke artikle pad kar bahut aanand aata hai aap isi tarah se likhte rahe aur hamara marg darshan karte rahen

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    1. बाबा रामेश्वर की कृपा आप पर बनी रहे.

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  19. guru dev namskar
    mera lagna mithun h
    1st me surya,mangal
    2nd me budh
    5th me shani,zketu
    8th me guru,
    11th me rahu,chandra
    12th me shukra
    kripya estadev batae

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    1. आपको शनि ग्रह की साधना और काल-भैरव की पूजा पाठ करना चाहिये,काल भैरव की पूजा पाठ मे शनिवार की शाम को किसी खुले स्थान मे (घर की छत भी हो सकती है) बैठ कर उनका ध्यान करना चाहिये,काले जीवो को भोजन करवाना चाहिये,काली हकीक या काले रंग के चमकदार पत्थर आप धारण कर सकते है.किसी को गाली देना या श्राप देना आपके लिये सही नही है.

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    2. gurudev dhaybaad raah dikhane k liye
      dhanybaad

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  20. Gurudev Namaskar, Mera janm 22.12.1967 ko 1.15 min per night me, Pauri Garhwal,uttarakhand me hua hai, janm ke samay lagna -kanya hai, 2nd ghar me sukra aur ketu hai, 4th me budh aur sukra hai,5tj me mangal hai, 7th me shani hai, 8th me rahu hai,12th me guru aur chandra hai, kripaya mere ishtdev batane ke kirpa kare aur kya mai futur me aage progress kar paunga ya nahi







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    1. आप केतु ग्रह की साधना और गणेशजी की पूजा पाठ कर सकते है,रोजाना के जीवन मे किसी भी काम को शुरु करने के पहले बायें हाथ का प्रयोग करो उसके बाद दाहिने हाथ से काम करो,दो रंगे पत्थर गले मे पेन्डल की तरह से या अंगूठी मे धारण कर सकते हो.

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  21. पंडितजी
    मेरा कुंडली विवरण कुछ एस तरह है:
    कर्क लग्न की कुंडली है और नक्षत्र चित्रा-४, भद्र शुक्ल पक्ष चतुर्थी
    लग्न 4 में : शुक्र और रहू
    5 सिंह : गुरु और सूर्य
    6 कन्या: बुध और शनि
    7 तुला : चन्द्र और मंगल
    10 मकर : केतु

    मेरे इष्ट देव कौन है। कौन से ग्रह/देवी/देवता की साधना मुझे करनी चाहिए।

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    1. बुध ग्रह की साधना और माता वैष्णो देवी की पूजा पाठ मान्यता आदि करनी चाहिये.

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  23. jai guru dev.

    mujhe mere AARADHYA DEV k barey mai bataye.

    MERA JANM DINAK 05 JANUARY, 1989 OR SAMAY 10:12 AM HAI.

    1. RAHU (11 KUMBH LAGNA)
    2. MANGAL (12 MEEN RASHI)
    3. KHALI (1 MESH RASHI)
    4. GURU (2 VRASH RASHI)
    5. KHALI (3 MITHUN RASHI)
    6. KHALI (4 KARK RASHI)
    7. KETU (5 SINGH RASHI)
    8. KHALI (6 KANYA RASHI)
    9. KHALI (7 TULA RASHI)
    10. CHANDRA OR SHUKRA (8 VRISHCHIK RASHI)
    11. SURYA OR SHANI (9 DHANU RASHI)
    12. BUDH (10 MAKAR RASHI)

    GURU DEV LAGATAR NETRA OR UDAR K ROG SE PARESHAN HU.

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    1. शुक्र ग्रह की साधना और नील सरस्वती की पूजा पाठ करना चाहिये,नीले रंग का जिरकान या क्रिस्टिल अथवा इलेक्ट्रिक कलर के स्टोन आपके लिये उपयुक्त है.

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    2. JAI GURU DEV,

      SHUKRA OR NEEL SARASWATI KE LIYE SARAL MANTRA BTAIYE GURU JI JISE ME 24 GHANTE APNE MANN ME BOL SAKU. KABHI BHI UCCHARAN KER SAKU.


      KYA MUJHE NEELAM DHARAN KERNA CHAIYE. KIS DHATU OR KITNE RATTI KA.



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  26. mera naam deepak hai meri kundli ki sthti is prakar hai
    kumbh lagan
    1 house-khali (11)
    2 house - khali (12)
    3 house- ketu (1)
    4 house- guru (2)
    5 house- khali (3)
    6 house- shani (4)
    7 house- khali (5)
    8 house- khali (6)
    9 house- surya, budh, mungle, rahu (7)
    10 house- shukra (8)
    11 house- khali (9)
    12 house- chandra (10)
    kripya bataiye ki meri kundli ka captain koun hai? meri shaadi kab hogi?

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  27. gugu ji pranaam

    meri janam kundli is prakar hai
    1 house - mungle (4)
    2 house - sukra, surya -(5)
    3 house - budh (6)
    4 house - shani(7)
    5 house - guru, ketu (8)
    6. house - khali (9)
    7. house - chandra (10)
    8. house - khali (11)
    9. house - khali (12)
    10 house - Khali (1)
    11 house - Rahu (2)
    12 house - khali (3)
    Kripya bataiye ki mere estadev kon hai

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  28. Guru Ji, Mera DOB 21-12-1981 hai . Time 2:20pm hai, Muzaffarpur Bihar hai. Mera career sahi nahi chal raha hai aur health ki bhi paresaniya rahti hai. Kripya kuch upaya bataye aur mere isthdev ka bhi naam bata de,. pmhai

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  29. Guruji Sadar Charan Sparsh
    Kripaya mere isht dev aur pramukh griha batain.
    DOB: April 24, 1977
    Time: 11:10 am
    Place: New Delhi
    Apka bahut bahut Dhanyavaad

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  30. hi guru gi.meri rishi libra ha.app baath sakh ta mera essth dev kyun sa ha

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  31. Guruji Sadar Pranam
    mere isht dev koun hai. mujhe kon sa yantra or ratna uttam rahega.
    DOB: 12/06/1975
    Time: 06:15 am
    Place: Kasahi,Dist-durg,Chhattisgarh

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  32. Guru ji Pranaam,

    Meri janam kundli is prakar hai
    kark(4) lagna
    2 house - Mangal
    4 house - Rahu
    5 house -Guru,Shukra
    6. house - Surya
    7. house - Budh
    8. house - Shani
    10 house - Ketu
    11 house - Chandra
    Kripya bataiye ki mere ishtadev kon hai

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  33. Guru Ji pranam mere isht devta bata dijiye
    Meri kanya lagna ki kundali haiaur grah is prakar hai
    1 st house shukra
    2 nd house rahu
    3rd house sun and budh
    4th house _khali
    5th house - khali
    6 th house -khali
    7 th house -jupiter(vakri)
    8 th house -ketu
    9 th house -khali
    10th house - moon and mars ( vakri)
    11 th house - shani (vakri)
    12 th house - khali hai

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  34. Guru ji charan sparsh!
    Guru ji mera date of birth hai 05-08-1971 samay 21:40 hai sthan kota (rajàsthan) hai.main bahut pareshan hoon kripiya mera isht kaun hai batayen.mera samay kafi time se sahi nahi chal raha hai.mera naam vivek chaturvedi hai.guru ji madad kariye.

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  35. Guruji
    Mera Janam date 29/09/1983 Birth Time- 3:20 PM he Place Udaipur Raj. he. Mere mangal dosh he ye ucch ka he ya nich ka . Kya me munga ratna dharan kar sakta hu. mere lagna me sani he kya me nelam dharan kar sakta hu. aur mere dev kon he.

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  36. Pranam Guru jee
    Mera Makar lagan ki kundali hai, Ishtdevta bataye
    Bav Rashi Grah
    1 Makar
    2 Kumbha
    3 Min
    4 Mesh Guru, Chandra, Ketu
    5 Vrishabh Budh
    6 Mithun Surya, Shukra
    7 Karka Mangal, Shani
    8 Simha
    9 Kanya
    10 Tula Rahu
    11 Vrishchik
    12 Dhanu

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  37. pranm guruji kripya mere ishte dev kaun hai bataye
    pradeep 29 october 1970 bulandsaher u.p india 2.15 am

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  38. pranm guruji kripya mere ishte dev kaun hai bataye
    pradeep 29 october 1970 bulandsaher u.p india 2.15 am

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  39. Hello
    Pls tell my isht Dev
    Harish Kumar
    DOB 19/11/1983
    Time 08:35 am
    Place of birth JALANDHAR(Punjab)
    Thanks

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  41. Guru jee. Kundali is parkar hai.

    Lagna. Mesh

    Ist house. Jupiter

    2nd house. Venus

    3rd house. Mercury. Sun. Mars 29 degree moon asth

    4rd house Khali
    5th house. Khali
    6th house. Ketu
    7th house. Pluto
    8th house. Shani
    9th house. Neputune and uranus
    10th house. Khali
    11th house khali
    12 house. Rahu

    Kirya bataye mere isht dev.

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  42. Mere isht dev aur shubh rudraksha bataiye
    Ravi Kant
    DOB 16-June-1975
    Time 11:10 PM
    Faizabad (U.P.)

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  43. guruji ko pranam,
    mere baren me kuch batiye , mere isht aur main bht pareshan hun kya krn kab hoga mera bhagyodaya.

    saurabh pandey
    dob: 30-10-1986
    time: 22:50
    renukoot

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  44. Sir mera shukar neech rashi me he jo 9 th house me he or shani 12 th house me vakri he uske liye kya karna chahiye

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  45. Guru Jim mai love marriage krna chahti hu bt mere parents Nhi chahte h Maine unhe saf saf bol bhi diya h fir bhi WO meri ek bhi Nhi sun rhe h mai kya kru mai 1 Feb 1988 ko din mai 2:26 PR jnam hua aap jara bataie mai bhut pareshan hu

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  46. 18th jan 1981, 22:20, mumbai
    Shani vakri in kanya lagna with guru. Subh hai ya asubh vakri shani

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  47. Guruji kripya bataye.
    18th jan 1981, 22:20, mumbai.
    Shani vakri with guru in lagna. Shani dev subh hai ya asubh.

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  48. namste Guru ji, mera lagna Meen aur Rashi Singha hai.
    1 house - khali (12)
    2 house - Khali ( 1)
    3 house - khali ( 2)
    4 house - Shukra ( 3)
    5 house - Surya, Budh aur Rahu ( 4)
    6 house - Guru, Chandra ( 5)
    7 house - Mangal, Shani ( 6)
    8 house - khali ( 7)
    9 house - Khali ( 8)
    10 house - khali ( 9)
    11 house - Ketu (10)
    12 house - Khali (11)
    Mere ishta dev ke bare me bataye aur marg pradarshit kijiye..
    dhanyabad Guru Ji...

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  49. Budhh Aditya yoga Surya aur guru se hota hai kya guruji?
    Kya Chandra se guru kendra mein ho to he hota hai?

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  50. Mera DoB 31.01.1974 ghaziabad 07:30am hai. Mere isht dev kaun hai aur bhagyoday kab hoga

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  51. Mera DoB 31.01.1974 ghaziabad 07:30am hai. Mere isht dev kaun hai aur bhagyoday kab hoga

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  52. Guruji mere est dev kon se hai . chandra rashi vrashchik , surya rashi sinh (5) , naam rashi vrashabh .

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  53. guruji mere est dev kon se he muje success ke liye kon se devi ya devta ka poojan karna chahiye..

    Karka Lagna,
    vrushik rashi
    mangal or shukra sinh rashi,
    surya or Budh kanya rashi me,
    ketu tula and rahu Mesh,
    chandra and sani Vrushik,
    Guru 7me sthan me makar rashi me he.

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  54. guruji mera name HETAL he ,meri birth date:07-05-1989 he aur time:04:45 AM, City:Amreli-Gujarat he.. aap please muje mera pura bhavishya bataiye..aur koi bhi vidhi ki jaroorat ho to vo bhi bataiye.kyuki meri shaadi hone me bahot der ho rahi he.

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  55. guruji ko pranam mera naam Mahesh ahi aur mai ek software professional hoon aur mujhe job main acha position nhi mil raha hai aur financial problem bhi ho rahi hai kuch bhi acha nhi ho raha hai meri dob hai 4 August 1989

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  56. Bhupendra
    12/06/1987
    12:22pm
    Jhalrapatan (rajasthan)
    गुरूजी
    Bhagyoday kb hoga

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  57. Bhupendra
    12/06/1987
    12:22pm
    Jhalrapatan (rajasthan)
    गुरूजी
    Bhagyoday kb hoga

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