Wednesday, April 4, 2012

क्यों भटकता है व्यक्ति नौकरी के लिये

व्यक्ति जब पैदा होता है तो व्यक्ति के लिये जीवन मे किये जाने वाले कार्य निश्चित कर दिये जाते है,वह जो कार्य साथ लेकर आता है उनमे अगर भटकाव पैदा हो जाता है तो व्यक्ति आजीवन उन्ही कारणो मे भटकता है और जो औकात उसे प्राप्त करनी होती है वह नही कर पाता है उसे भटकाव के कारण उसी प्रकार से फ़िर से जन्म लेकर आना पडता है और उन्ही उद्देश्यों की पूर्ति के लिये फ़िर से प्रयास शुरु करने पडते है। नौकरी के लिये तीन भाव देखे जाते है पहला दूसरे भाव और राशि को देखा जाता है,जो रोजाना के कामो को करने के बाद नगद धन प्राप्त करता है,दूसरा छठे भाव को देखा जाता है जो प्राथमिक शिक्षा को पूरा करने के बाद से ही शुरु हो जाता है,और रोजाना की जरूरतो को पूरा करने के लिये लोगो के लिये सेवा से सम्बन्धित काम करने के लिये अपनी गति को प्रदान करता है तीसरा दसवे भाव को देखा जाता है जो उच्च शिक्षा को प्राप्त करने के बाद नौकरी करने के लिये अपनी गति को प्रदान करता है,आप इन भावो को astrobhadauria.com के माध्यम से जान सकते है पढ सकते है.प्रस्तुत कुंडली मे मकर लगन है,सूर्य लगन मे स्थापित है जातक के अन्दर एक अहम है कि वह सरकारी आदमी बनकर दिखायेगा या इस प्रकार के परिवार मे पैदा हुया है जो सरकारी कार्य आदि दिमाग से करने के लिये जाना जाता है यह भावना पैदा होने वाले माहौल से प्राप्त होती है और समाज मर्यादा और संगठन आदि के लिये सूचित करती है। रोजाना के काम करने के मालिक और शरीर के मालिक शिक्षा वाले स्थान मे तथा जल्दी से धन कमाने के स्थान मे और मनोरंजन के स्थान मे शनि वक्री के रूप मे विराजमान है। शनि वक्री हमेशा ही बुद्धि को प्रयोग करके किये जाने वाले कामो के लिये जाना जाता है। लेकिन सूर्य और शनि की नवम पंचम की युति होने से जातक के पास पिता का दिमाग है और जातक सरकारी क्षेत्र की न्याय वाली सेवाओ को करना चाहता है। लेकिन कार्यों के लिये शक्ति का कारक मंगल जो लाभ के भाव मे विराजमान है,चौथे भाव का भी मालिक भी है नौकरी जैसे काम करने के लिये अपनी गति को आमने सामने की गति से विरोधाभास दे रहा है। केतु जो छठे भाव मे है वह जातक को लिखने पढने और टाइप आदि का काम करने के बाद विदेशी कार्यों बाहरी कमन्यूकेशन को करने के लिये भी माना जाता है। जातक को मीडिया एयर कमन्यूकेशन के बारे मे अच्छा ज्ञान है,इस ज्ञान के द्वारा जातक को बाहरी कारण और विदेशी सम्बन्धो की अच्छी जानकारी है इस कारण से जातक बाहरी कारणो को और बडे संस्थानो मे काम करने के लिये अपनी अच्छी योग्यता को प्रस्तुत करने के लिये भी माना जाता है।
जातक के लिये इस कुंडली के अनुसार केवल वही व्यवसाय काम कर सकते है जो पिता आदि के द्वारा किये गये है। कार्यों मे कमन्यूकेशन के कामो का अच्छा अनुभव होने के कारण विदेशी लोगो से ज्योतिश परामर्श धर्म संस्कृति आदि के कार्य भी जातक को अच्छा फ़ल प्रदान करेंगे जातक अगर चाहे तो जनवरी दो हजार तेरह के बाद अपना खुद का व्यवसाय स्थापित कर सकता है या जातक विदेशी कम्पनियों के लिए कम्पयूटर या आयात निर्यात से जुडे कामो को कर सकता है।

8 comments:

  1. lekin 35 saal ke baad mei kyun?kaam(kamai ke liye) to shuru kar diya tha umra 13-14 se fir 52 se kyun ruk giya alsi bhi nahi aur kushalta me agresar fir bhi?

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  2. महोदय प्रश्न को विस्तार पूँछने की कोशिश करें.

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  3. main 23 saal ka yuvak hu mera d.o.b 5 jan 1991 place: satara (maharashtra) birth time 17:25 mera jeevan sthir nahi aye din musibatonka saamana karane padata job less hun chhoti bimari hamesha hoti rahati hai kaam pe kahi 3-6 mahine se jyada tikata nahi please margdarshan kijiye

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    1. योगेश जी आपकी कुंडली मिथुन लगन की है और आपकी राशि सिंह है,सिंह राशि से छठे भाव मे जो रोजाना के काम करने का है मन की स्थिति को कायम रखने का है कर्जा दुश्मनी बीमारी का है साथ ही जो भी धन आदि के लिये जब जीवन यापन के लिये जरूरत होती है तो सेवा वाले काम करने का है इसमे शुक्र राहु शनि विराजमान है,शुक्र जब चन्द्रमा से छठा होता है वह हमेशा दूसरो की बराबरी करने के लिये अपनी योग्यता को भूल जाता है और उसकी सोच मे यह आता रहता है कि कैसे और किस प्रकार से सामने वाले की योग्यता को जाने बिना बराबरी का दर्जा प्राप्त कर लिया जाये इसी प्रकार से जब शनि चन्द्रमा से छठा होता है तो जल्दी से मेहनत के काम किये बिना मालिक बनने की बात दिमाग मे आजाती है इसी प्रकार से जब राहु का प्रभाव चन्द्रमा से छठा होता है तो दिमागी रूप से कभी तो बहुत मेहनत वाले काम किये जाते है और कभी आलस का दौर आजाने से मेहनत से दूरी बना ली जाती है और किये गये काम का परिणाम जब खुद की गल्ती से गलत आता है तो झूठ या किसी प्रकार के फ़रेब से दूसरो पर आरोपित कर दिया जाता है,इस कारण को दूर करने के लिये और जीवन मे तरक्की को प्राप्त करने के लिये गुप्त योजनाओ को हवाई किले बनाने वाली आदत को जासूसी करने की आदत को हर बात मे बिच्छू जैसा डंक मारने के स्वभाव को बदल देना चाहिये जितना हो सके दैनिक दिन चर्या को बनाकर रखना चाहिये जैसे समय से जगना समय से सोना और अधिक से अधिक बेकार के ब्रोकर जैसे काम करने के बाद झूठ स़च बोलकर धन कमाने की आदत को रखना आदि त्यागना चाहिये,इस बात मे सबसे बडी बात खरा बोलने की भी होती है जो अक्समात गुस्सा आने से किसी भी बात को बिना सोचे समझे बोल जाना आदि,मंगल को मजबूत बनाकर भगवान शिव की आराधना करने से और खुद को खुद की बात पर कायम रखने से जीवन के दुख दूर होने लगेंगे,और हर काम मे इज्जत भी होने लगेगी धन भी आने लगेगा जीवन के रास्ते सही दिशा मे दिखाई देने लगेंगे.

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  4. Pandit ji pahale to aapka khub saara DHANYAWAD!! .....3 saal pahale mere pitaji ki maut hui aur unake beemari me khub saara dhan kharab hua.phir mujhe yaha waha kaam karana pada jis jagah mai kaam karata tha waha ke malik ne mujhe thag diya..tab se maine bhi apna rukh vaise hi kar liya tha..mere pita ke maut se pahale mera din bahut acche the achanak din phir gaye kisi jyotishi ne mujhe bataya tha ki aapke karm bhav me shapit dosh hain esase aap kabhi khush nahi rah sakte aap ko manpasand job bhi nahi milegi. kya mere pahele jaise din wapas ayenge kripaya vistar se bataye...?

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  6. sadar charan sprsh,
    main aapko 3 saal se padh raha hoon, jyotish ka vidyarthi bhi hoon. aapke blogs se meri bahut si galatfahmi door ho gai hai,
    lekin guru ji, doosroon ki kundali ko main lagbhag sahi samajh leta hoon, lekin apni kundali main samajh nahi pata.
    mere jeevan kuch bhi esa nahi hua jiske liye main kahu ki haan ye accha hua, main aapse kya poochoo ye nahi samajh aa raha kyoki mare jeevan me kuch bhi achha nahi hai....job,pariwar, paisa, health, wife kuch bhi sahi nahi hai
    guru ji agar hoo sake to apne keemti time se kuch time nikal kar mere ooper apni kripa dristhi dal dijiye sadaiv aapka abhari rahoonga......
    AWADHESH KUMAR MISHRA
    DOB: 09/09/1978
    DOT: 05:05 am
    dop: DISTRICT:- SULTANPUR (UTTAR PRADESH)

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  7. namaskar bhaduria ji, mai apne pati ki job ko lekr bhut pareshan rehti hu, unki dob hai 15 oct 1983 or time 09.05 am place faridabad name-sunny bhatia,

    mai bhut tension me hu vo kuch job nhi karte milne ke bad bhi usme kamiya nikalkar chod dete hai or jha unka man lagta hai vo job regular nahi hoti kabhi comapny band ho jati hai to kabhi office tranfer ho jata hai. apke bare me bahut suna hai ki aap kuch upaye btapayenge to meri mushkil khatam ho jayegi

    mera ek b eta hai abhi 2 saal ka huya hai mai bhut chinta me hu ki agar ye job nahi krenge to ghar kaise chalega isiliye mera hmesha sir dard rehta hai or gussa bhi bahut ata hai. last 5 months se ye ghar par hi hai inke mata pita bhi bahut preshan hai kirpa krke kuch help karein

    mai apki ati abhari houngi

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