Saturday, March 10, 2012

सूर्य और उसके फ़ल

सूर्य ब्रह्माण्ड की आंख बताई जाती है। यह प्रथम भाव मे उच्च का फ़ल देने वाला होता है तो सप्तम मे नीच का फ़ल देने वाला होता है। उच्च का फ़ल जातक के अपने अहम से सम्बन्ध रखने वाला होता है जबकि सप्तम का फ़ल जातक के विरोधी का अहम वाला फ़ल देने के लिये जाना जाता है। सूर्य दूसरे भाव मे जाकर सरकार से फ़ायदा देगा तो अष्टम मे जाकर सरकार को फ़ायदा देने वाला बन जायेगा। तीसरे भाव का सूर्य सहयोगी बन जायेग तो नवे भाव मे जाकर विरोध करना शुरु कर देगा,चौथे भाव मे जाकर राजकीय सुख को देने वाला होगा तो दसवे भाव में राज को सुख देने वाला बन जायेगा,पंचम मे जाकर राज्य की प्राप्ति देगा तो ग्यारहवे भाव मे जाकर राज्य को हरण करने वाला बन जायेगा। इसी तरह से छठे भाव मे जाकर राजकीय दुख देगा तो बारहवे भाव मे जाकर राजकीय सुख देने के लिये अपनी युति को प्रदान करने लगेगा। चन्द्रमा के साथ पहले भाव मे होगा तो माता पिता के साथ रहने वाला माना जायेगा और सप्तम मे होगा तो जीवन साथी या साझेदार की राजनीति से घर मे ही विद्रोह करवाने वाला होगा दूसरे भाव मे चन्द्रमा के साथ होगा तो जनता से सरकारी सम्बन्ध होने के कारण रोजाना की ऊपरी कमाई करवायेगा लेकिन अष्टम मे जाकर राजकीय कमाई को जनता मे वितरण करने वाला बना देगा,तीसरे भाव मे चन्द्रमा के साथ होगा तो राज्य और सरकार दोनो ही हिम्मत देने वाले बन जायेंगे और नवे भाव मे जाकर राज्य और सरकार दोनो ही विपरीत प्रभाव देने लगेंगे,चौथे भाव मे जाकर सूर्य और चन्द्र दोनो सुख के कारक बन जायेंगे तथा सरकार और जनता का प्रिय बना देंगे और जब वही दोनो दसवे भाव मे होंगे तो जनता और सरकार के काम करने के कारण तथा हर काम को समय पर पूरा नही करने के कारण समय ही नही मिलेगा साथ मे बदनामी भी मिलने लगेगी। पंचम भाव मे राज्य को देगा मनोरंजन के विभाग सौंपेगा तो ग्यारहवे भाव मे जाकर राज्य और मनोरंजन को राजकीय लोगो के लिये करना पडेगा,छठे भाव मे जाकर सरकारी चाकरी करवायेगा और रोजाना के कामो के अन्दर मानसिकता को आघात देगा तो बारहवे भाव मे जाकर वह मानसिकता को आगे बढाने वाला होगा और ऊपरी पहुंच को भी बनाने मे मदद करेगा। सूर्य चन्द्रमा के साथ पहले भाव मे मंगल के होने से घर विरोधी और अपमान को कन्ट्रोल करने वाला बना देगा तथा सप्तम मे युति होने के कारण इन्ही कारणो में नीचा दिखाने का भी काम करेगा और विरोधी के द्वारा कार्य अवरोध मे किये जायेंगे शरीर को बन्धक बनाकर रखना होगा तथा भोजन और धन आदि पर अंकुश लगा रहेगा। दूसरे भाव मे होने पर धन और परिवार में सरकारी सहायता भी मिलेगी तथा पिता माता छोटी बहिन का साथ भी होगा और समय पर सहायता भी मिलती रहेगी लेकिन अष्टम मे जाने पर ह्र्दय पर अधिक वजन होने के कारण आघात भी होगा बदनामी भी होगी और जीवन साथी के लिये भी किसी न किसी प्रकार का कष्ट बना रहेगा। तीसरे भाव मे होने से खुद को ही अपने परिवार के लिये हिम्मत जुटानी पडेगी और जो भी कार्य किये जायेंगे उसके अन्दर लोगो का दखल भी होगा लोगो की राजनीति भी होगी और किये जाने वाले कार्यों का श्रेय दूसरे ले जायेंगे,यही बात नवे भाव मे जाकर मुकद्दमा केश न्याय के लिये भागना पारिवारिक रंजिस से परेशान रहना होने लगेगा। चौथे भाव मे उन्नत भोजन और रहन सहन को प्राप्त करवायेगा घर के अन्दर सुरक्षा के लिये राजकीय और जनता का सहयोग रहेगा वही दसवे भाव मे जाकर जनता का भी सहयोग करना पडेगा लोगो के रहने और भोजन आदि का बंदोबस्त भी करना पडेगा। इसी प्रकार से पंचम भाव मे जाने से राजनीति और शिक्षा के लिये तकनीकी बुद्धि का प्रयोग करना पडेगा खेल कूद आदि के द्वारा मनोरंजन का अवसर मिलेगा जबकि ग्यारहवे भाव मे जाने से लोगो के लिये बडे भाई के लिये और परिवार के लिये कंजूसी से मिले साधनोके द्वारा सभी काम करने पडेंगे। आदि बाते सूर्य के फ़लो के लिये जानी जा सकती है।

43 comments:

  1. guruji jab ye soorya guru ke saath hota hai to jeevatma yog banta hai kya ye yog jatak ke kisi poorwaj ka jatak ke roop me punarjanm darshata hai agar ha to jatak poorv janm me kya tha ye kaise jane

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    1. Guru ji Pranaam
      Meta jaan Isha hai. Mera mithun Kagan hai aur 10ve ghar me rahu, guru aur mangal hai. 9ve ghar mein budh hai. Mein sarkari naukri ke prayaas kar rahi hu. Kripa karke mujhe bataiye ki mujhe kya karna chahiye. Koi mera sarkari naukri ka yog hai.

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  2. गुरु जीव और सूर्य आत्मा दोनो मिलकर जीवात्मा योग की उत्पत्ति करते है। यह ईश्वर अंश से जन्म माना जाता है,जातक और जातक के पिता के अन्दर एक प्रकार से धार्मिक सामाजिक राजनैतिक न्यायिक सामजस्य बैठाने की अभूतपूर्व क्षमता होती है,इसी प्रकार से गुरु और राहु की युति पूर्व पूर्वज के जन्म से जोड कर देखा जाता है लेकिन इस युति मे बताया जाता है कि पूर्वज का जन्म किसी कार्य को पूरा करने तक ही होता है और जातक का पता नही होता है कि वह कब चला जायेगा.पुनर्जन्म सिद्धान्त को भी गुरु राहु की युति से ही देखा जाता है.

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  3. Acharya Ji, Kya graho ki apas mein poorna drishti bhi yuti ke barabar maani jati hai?

    Sadar Charan Sparsh

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  4. युति मे भाव बल होता है,जैसे मोबाइल और मोबाइल को प्रयोग करने वाला,जब मोबाइल और मोबाइल को प्रयोग करने के लिये किसी व्यक्ति के लिये अपने नम्बर लगायेगा वह व्यक्ति मोबाइल वाले व्यक्ति के लिये द्रिष्टि मे होगा.लेकिन द्रिष्टि तभी पूरी मानी जायेगी जब दूसरा व्यक्ति भी किये गये मोबाइल का जबाब देता है.अगर सामने वाला मोबाइल नही उठाता है तो द्रिष्टि दोष होगा और युति तथा द्रिष्टि दोनो ही बेकार हो जायेंगी,जब सामने वाला मोबाइल को उठा लेता है तो युति और द्रिष्टि फ़ल दोनो ही मिल जाते है,जो बात पहला व्यक्ति करता है वह राशि और भाव के अनुसार करेगा तथा जो जबाब मिलेगा वह उस व्यक्ति के भाव और राशि के अनुसार मिलेगा,इसके साथ जिन जिन ग्रहों के प्रभाव दोनो तरफ़ होंगे उनका प्रभाव भी बात करने पर मिलेगा.

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  5. Guru Ji, Kanya Lagn mein surya guru ki yuti saptam bhav mein ho avam guru surya se ast ho. sath hi dasham bhav mein shani ho to.

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  6. Guru ji meri kundli singh lagn ki Aur kark raashi ki hai......... Lagn mai Surya, sukra, shani rahu aur saatve ghar mai ketu hai.......11 Ghar mai mangal hai aur 12 Ghar mai budh, Guru, Chandra hai.......Kya Mai Surya ya shani kisi ka ratn pahan sakta hanu....... My DOB: 22-8-79 Morning 6:30am, Ghaziabad Pls bataye ati krpa hogi...........

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  7. किशन जी आपके भाग्येश मंगल है और मंगल ग्यारहवे भाव मे है तथा सप्तम केतु की पकड मे है,इस प्रकार से भाग्य को केतु ने अपने कब्जे मे कर रखा है,मूंगा आपके भतीजे के लिये फ़ायदा देने वाला होजायेगा या आपके साले मजे करने लगेंगे,सूर्य आपके लगन मे है और शनि भी लगन मे ही विराजमान है,दोनो की युति मे एक को बलवान करने पर एक कमजोर हो जायेगा,यानी पुत्र बल को कमजोर करना है तो सन्तान पर प्रभाव आजायेगा और पिता के बल को कमजोर करते हो तो पुत्र की दादागीरी बढ जायेगी,कारकांश से शुक्र ही आपके जीवन के लिये सुखदायी बन सकता है,इसलिये शुक्र का रत्न पहिनने से लाभ होना शुरु हो जायेगा.

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  8. मनीष जी गुरु और सूर्य सप्तम मे मीन राशि के है,यह एक विचित्र जीवात्मा योग बनाने के लिये माना जाता है,गुरु जब सूर्य से अस्त होता है तो सूर्य ही गुरु का फ़ल प्रदान करने लगता है और मानसिक रूप से किसी बडे धार्मिक संस्थान या बडे संस्थान को संभालने का काम मिलता है,वह चाहे बडे परिवार के रूप मे ही क्यों न हो लेकिन पिता के तीन भाई होने के बाद एक भाई की हथधर्मी वाली नीति से बाकी के दो की औकात समाप्त हो जाती है और मेहनत वाले काम करने के लिये मेहनत के बाद उचित फ़ल मिलने के लिये दिक्कत का कारण बन जाता है,शनि के उपाय जरूरी करने है जिससे रोजाना के जीवन मे मिलने वाले ठंडक देने के कारण कम हो सके.

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  9. guru ji meri kundli kumbh lagna or singh rashi ki h, meri kundli ke 4 bhav me mangal, 6 bhav me guru, sukra or ketu h, 7 bhav me surya, budh or chandra h, 11bhav me shani or 12 bhav me rahu h, meri DOB-21-august-1990 , birth time 08:05pm or birth place udaipur(rajasthan) hai, guru ji me janana chahta hu k me jis se prem krta hu, kya usi se mera vivah hoga or mera bhavishya kesa h???

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  10. Guruji Agar Surya ketu ke sath '11'bhav me sinh rashi me ho to kya fal milta he aur '5' bhav me rahu he.

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    1. गुरु का अष्टम मे होना और नवमांश मे राहु के साथ होकर जीवन साथी के प्रति चरित्रहीनता का संकेत देते है,लेकिन यही गुरु राहु अगर किसी प्रकार से धनु मीन राशि मे नवमांश मे है तो वह बडे सत्संग या धार्मिक समुदाय से जुडे होने का संकेत देते है.आपकी कुंडली मे गुरु कुम्भ राशि का अष्टम मे है और नवमांश मे भी गुरु राहु अष्टम स्थान में है जो वृष राशिका है इसलिये यह युति जीवन साथी के परिवार को मृत्यु के बाद की सम्पत्ति को प्राप्त करवाने मे और अपने जन्म स्थान को त्याग कर दूसरे स्थान मे बसने के लिये संकेत दे रहे है.

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  12. guru ji pranam
    guru ji meri lagan kumbh hai
    mera guru meen rashi me hai aur 2 bhav me hai saath hi saath rahu bi hai
    chandra kark rahi me hai 6 bhav me
    mangal vrashchik rashi me hai 10 bhav me
    surya budh shani dhanu rashi me hai 11 bhav me
    ketu kanya rashi me hai 8 bhav me
    sukra makar rashi me hai 12 bhav me hai
    kya meri kundli achi hai ya nahi
    aur ye bta de kon sa ratna pehnu mai
    plz

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    1. कुम्भ लगन का स्वामी शनि ग्यारहवे भाव मे होने से कुंडली का आधिपत्य पहले पिता के पास और बाद मे बडे भाई के पास चला जाता है पिता और उनके बडे भाई के प्रति भी यही बात कही जाती है साथ ही पारिवारिक और सामाजिक मर्यादा मे पिता और उनके भाइयों का चलना भी पाया जाता है. इसके साथ ही पिता के द्वारा दो रिहायसी मकान बनाने का कारण भी मिलता है एक बनाकर किसी कारण बस हट गया होता है दूसरा बनाया जाता है,यही बात पिता के परिवार मे विवाह सम्बन्ध के बारे मे भी कहा जा सकता है कि एक विवाह का कारण किसी कारण वश खत्म हो गया होता है दूसरा ही टिक पाता है.दादा का तीन भाई होना मिलता है और तीनो ही बडे ज्ञानी ध्यानी लम्बा कद और समाज मे पहुंच तथा किसी बडे चैरिटी ट्रस्ट के संचालन या सामाजिक कार्य आदि मे लगे हुये होते है.पिता पुत्र की आपसी विचार की नीति कभी कभी नही बैठ पाती है साथ ही सुबह शाम के काम ही मिलते है. जो भी सम्बन्ध घर की बह्न बुआ बेटी के मिलते है उनके प्रति सहायता ही दी जाती है तथा किसी के प्रति भी की जाने वाली सहायता के बदले मे अपमान ही मिलता है,नौकरी आदि मे की जाने वाली तरक्की मे केवल रिस्क आदि लेने और धन आदि के क्षेत्र मे ब्रोकर जैसे काम ही मिलते है.कुंडली अच्छी है और जिरकान या हीरा ही भाग्य के प्रति अपनी शक्ति को देने वाला होता है घर की स्त्रियों का आदर करना और पैतृक मान्यता को मानते रहना जीवन साथी का सम्मान करना आदि बाते भाग्य के प्रति अच्छी मानी जाती है,खुद को भी बना संवार कर रखना और रहने वाले स्थान के प्रति साफ़ सफ़ाई रखना आने जाने वाले लोगों के प्रति व्यवहार रखना भी सही माना जाता है,धार्मिक प्रयोजनो मे साज सज्जा करना भी भाग्य बढोत्तरी के लिये उत्तम माना जा सकता है.

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    2. guru ji pranam
      guru ji meri lagan kumbh hai
      mera guru meen rashi me hai aur 2 bhav me hai saath hi saath rahu bi hai
      chandra kark rahi me hai 6 bhav me
      mangal vrashchik rashi me hai 10 bhav me
      surya budh shani dhanu rashi me hai 11 bhav me
      ketu kanya rashi me hai 8 bhav me
      sukra makar rashi me hai 12 bhav me hai
      kya meri kundli achi hai ya nahi
      aur ye bta de kon sa ratna pehnu mai
      plz
      AUR SARKARI NOKRI MILEGI KI NAHI PLEASE BTA DE

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  13. This comment has been removed by the author.

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  14. गुरु जी,

    मेरी कुंडली में
    कर्क लग्न में सूर्य,गुरु,बुध
    दूसरा भाव(सिंह) - चंद्रमा,शुक्र युति
    चौथा भाव (तुला) - मंगल,केतु
    नवम (मीन) शनि
    दशम (मेष) राहू
    कौन कौन से योग बनते हैं।
    कृपया बताएं !
    और मार्ग दर्शन भी करें ।

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  15. guru ji ko namaskar
    guru ji meri kundli me ketu lagna me akela khara hai
    aur 2,3,4 bhav khali hai 5ve me surya mangal hai aur
    6ve me shani budh hai 7th me rahu shukra hai aur 8,9,10,11 bhav khali hai 12ve bhav me chandra guru hai
    कौन कौन से योग बनते हैं।
    कृपया बताएं !
    और मार्ग दर्शन भी करें ।

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  16. Guruji Pranam
    kripa karke meri kundli ke anusar naukri aur videsh jane ke yog bataye.

    Name: Rajeev
    DOB : 20/01/1978
    Time: 14:50
    Place: Bareilly (U.P.)

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  17. नौकरी और विदेश जाने का योग आने वाले चौदह महिने के बाद बनना शुरु हो जायेगा.

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  18. Guruji Pranam,

    Me aapke blog ko kaafi time se follow kar raha hu, aapke sabko jo reply karte he wo muje kaafi acche lagte he.


    Kripya muje bhi mere future ke baare me kuch bataye.

    Name: Sanmati Jain
    DOB : 09 dec 1984
    time: 21:30
    place: Khanpur (Rajasthan)

    Me kon si field meri puri life ke liye acchi he. Business ya Gov Job. Agar business to kon sa, ya sarkari naukri ke kitane chances he.

    Thanks in Advance

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  19. Guruji Pranaam!

    Mera Date of Birth : 29-Dec-1977 Delhi ka Hai
    Time : 06: 30 am

    Guruji Mai abhi tak Settle nahi ho paya hu kripaya marg darshan kare. Business kar raha hu or nuksaan me ja raha hai, job karne ki iccha nahi hoti, abhi tak marrige bhi nahi hui hai parivaar me sabhi log bahaut chintit hai, kai upaay bhi kiye lekin har kaam me rukawat aa jati hai,

    Aapse anurodh hai kripya karke seriouly meri kundli ke baare me batae. or Mera Margdarshan kare appka sada hi abhari rahunga.

    Regards
    Ashok

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  20. NAMSTE GURUJI,

    MERA NAME KAMLESH HAI, MERI DOB 7 DEC 1987, TIME -11.15 AM MORNING,PLACE BARODA,GUJARAT.
    ACHARYA JI MUJE JANNA HAI KI MERI KUNDLI ME GOVERNMENT JOB KE YOG HAI? AUR MERI KUNDLI ME SHANIDEV 11TH HOUSE ME HAI AUR SHATRU RASI ME HAI, LEKIN UNKI 3RD DRASTI MAKAR RASI PAR HI PADTI HAI TO ISS TIME SHANI DEV KE KYA FAL HOGA. MUJE SHANI DEV KE RELATED DAN KARNA CHAHIYE KE NAHI? PLEASE GURUJI MUJE BATAYE?? DHANYVAD.

    MERI MAKAR LAGAN KUNDLI HAI,
    3RD HOUSE ME GURU-RAHU,
    6TH HOUSE ME CHANDRA,
    9TH HOUSE ME KETU,
    10TH HOUSE ME MANGAL,
    11TH HOUSE ME SURYA-SHANI-BUDH,
    12TH HOUSE ME SUKRA,
    PLEASE ACHARYA JI MUJE BATAIYE. THANK YOU.

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  21. gajanan
    guruji meri janm tarik aur samay 30.05.1986 01.38am pune apse anurodh he ki aap kundali dekh kar margdarshan kare .....
    kumbha lagna lagna me guru chandra, 3 bhav me rahu, 4 bhav me ravi budh, 5 me shukra, 9 me ketu, 10 me shani, 11 me mangal he....

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  22. apse 3 gujarishe he guruji.... meri aayu(age).....bhagyoday......anewala samay
    krupa kar k bata dijiye

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  23. guruji apke reply ka intezar kar raha hu.....krupa kar k jaldi marg dikha de!

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  24. namaskar,
    me atayant dukhi hu guruji kripya marg darshan karein,
    mera koi bhi kam set nahi ho pa raha 10 saal se strugle kar raha hu per abhi tak permanent souce of income nahi e batayein kya karu
    name- kapil
    dob- 19-07-1982
    time- 3-10 am
    place jaipur
    mujhe kuch samajh nahi aa raha mene business job sab kr liya aaj b wahi hu jaha 10 sal pehele tha

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  25. kapil
    Sex:Male Date: 19/07/1982 Time: 03:10:00(53:32:29 Ghati) Day: Monday
    Place: Jaipur Country: India Lat.: 26:53N Long.: 75:50E Zone: 82:30E
    Time Corr: Standard Time Lahiri Ayanamsa: 23:36:31 Sun Sign(West): Can
    SunRise: 05:45:00 SunSet: 19:20:21 Eq. Of Time: -00:06:07
    Asc-Lord Tau-Venus Rasi-Lord Gem-Mercury Nak-Lord Mrigsira-4-Mars
    Yoga Dhruva Karan Vanij Gan Deva
    Yoni Sarp Nadi Madhya Varan Shoodra
    Vashya Manav Varga Marjar Yunja Poorva
    Hansak Vayu Paya(Rasi-Nak) Silver-Gold Name-Alphabet Kee
    Pln R C Sign Degree House Exalted RasiL NakL SubL Pad Nav
    Asc Tau 26:54:53 --- --- Ven Mar Jup 2 6
    Sun Can 02:18:33 3 Friend Mon Jup Rah 4 4
    Mon Gem 05:42:19 2 Friend Mer Mar Mon 4 8
    Mar Vir 27:54:43 5 Enemy Mer Mar Sat 2 6
    Mer C Gem 24:47:00 2 OwnSign Mer Jup Mer 2 2
    Jup Lib 07:29:09 6 Enemy Ven Rah Rah 1 9
    Ven Gem 04:15:19 2 Friend Mer Mar Ven 4 8
    Sat Vir 22:38:57 5 Friend Mer Mon Ven 4 4
    Rah Gem 19:44:29 2 Exalted Mer Rah Mar 4 12
    Ket Sag 19:44:29 8 Exalted Jup Ven Rah 2 6
    Ura R Sco 07:09:35 7 --- Mar Sat Mer 2 6
    Nep R Sag 01:15:21 8 --- Jup Ket Ven 1 1
    Plu Lib 00:33:53 6 --- Ven Mar Mer 3 7
    Vimsottari Dasa
    Mars 0Y6M1D
    Jupiter
    18/01/2001
    18/01/2017
    Jupiter 09/03/2003
    Saturn 19/09/2005
    Mercury 26/12/2007
    Ketu 01/12/2008
    Venus 02/08/2011
    Sun 20/05/2012
    Moon 19/09/2013
    Mars 26/08/2014
    Rahu 18/01/2017
    NOTE : - Waxing -Waning R-Retro S-Stationary C- Combust D-DeepCombust
    Lagna Chart Moon Chart Navamsa Chart

    Dasamsa Chart Trimsamsa Chart

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    1. first house kendra- empty
      second house- shukra, budh, chandra, rahu
      third house- sun
      fourth empty
      fifth shani evam mangal
      sixth- guru
      seventh- empty
      eight- empty
      nine- ketu
      ten to twelve- empty
      plz reply
      kapil

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  26. guru ji pranam svikar kare
    meri chandra rashi VRUSHABH he, mera name VIJAY he,
    DOB 10/8/1985, surat me raat ke 10 baje...

    guruji mera janm MIN lagna me he... jo 1 bhav he,
    2 bhav me rahu he, (mesh rashi)
    3 bhav me chandra he, (vrushbh rashi)
    4 bhav me shukra he, (mithun rashi)
    5 bhav me mangal, surya aur budh he, (kark rashi)
    6 bhav me --- (sinh rashi)
    7 bhav me --- (kanya rashi)
    8 bhav me ketu aur shani maharaj he, (tula rashi)
    9 bhav me --- (vrushik rashi)
    10 bhav me --- (kumbh rashi)
    11 bhav me guru maharaj he, (makar rashi)
    12 bhav me --- (dhanu rashi)

    guru ji muje business me fayda nahi ho raha, market me mera naam he lekin jab business ki baat aati he to koi nahi aata, mene apne business me kafi paisa lagaya he lekin sab taraf karaj hi badh raha he,, guruji koi upay bataye..

    dhanyavad

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  27. namste gutuji,
    MERI SHINH LAAGN KUNDLI HE OR SURYA GURU YUTI CHOTHE STHAN PE HE TO USKA VIVARAN BATAYE AP KI BADI KRUPA HOGI.

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  28. yogesh sharma
    shriharida guruji
    date of birth 13/07/1973
    time 03:15am
    place agra u.p.
    guruji kirpa mere bare mai bataiye business,money problem,house kab banega

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  29. guru ji pranam
    guru ji meri lagan kumbh hai
    mera guru meen rashi me hai aur 2 bhav me hai saath hi saath rahu bi hai
    chandra kark rahi me hai 6 bhav me
    mangal vrashchik rashi me hai 10 bhav me
    surya budh shani dhanu rashi me hai 11 bhav me
    ketu kanya rashi me hai 8 bhav me
    sukra makar rashi me hai 12 bhav me hai
    kya meri kundli achi hai ya nahi
    aur ye bta de kon sa ratna pehnu mai
    plz
    AUR SARKARI NOKRI MILEGI KI NAHI PLEASE BTA DE

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  30. Namste guruji.
    I Am Amol
    Dob 23 October 1986
    Time 10:30 Am
    Town Ahmadpur Maharashtra
    Guruji muze government job ka yog hai kya? Agar ha to kab tak Government job milegi aur konse department mai.
    Karapaya guide kare .Apka abhari rahunga.Thank you.

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  31. Bahut mushkil hai aaj k zamaane me kisi sahi vyakti ka mina zyadatar log jyotish k naam par darate hi hain dear guruji sadar pranam meri details hain
    Naam-Mohit Pandey
    Birth- 17.30 pm
    Place-Allahabad Uttar Pradesh
    I m makar lagna born and my house positions are -
    1st house-Ketu
    6th house-Moon
    7th house- Rahu and Mangal
    8th house - surya and buddha
    9th house- shani , guru and shukra
    My rashi is mithun
    Nakshatra-Mrigasira
    One astrologer has told me Than the combination in my 9th house is very bad and ketu and rahu are dangerous all in all my kundali is very bad I can never get success in life and in present times things are also not going in my favour kripa kR k mera margdarshan kijiye

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  32. Bahut mushkil hai aaj k zamaane me kisi sahi vyakti ka mina zyadatar log jyotish k naam par darate hi hain dear guruji sadar pranam meri details hain
    Naam-Mohit Pandey
    Birth- 17.30 pm
    Place-Allahabad Uttar Pradesh
    I m makar lagna born and my house positions are -
    1st house-Ketu
    6th house-Moon
    7th house- Rahu and Mangal
    8th house - surya and buddha
    9th house- shani , guru and shukra
    My rashi is mithun
    Nakshatra-Mrigasira
    One astrologer has told me Than the combination in my 9th house is very bad and ketu and rahu are dangerous all in all my kundali is very bad I can never get success in life and in present times things are also not going in my favour kripa kR k mera margdarshan kijiye

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  33. Namste guruji
    Mai apke reply ka wait kar raha hu.krapaya karke margdarshan kare.
    Dhanyawad.

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  34. Guru ji mera naam sawan hai meri raashi dhanu hai aur lagan makar hai.meri kundali ke 5 house mein surya budh aur shukra hai.7 house mein shani.8 mein guru aur ketu.9 mein chandra.2 house mein rahu.4 house mein mangal.guruji mujhe health aur fiancial problem bahut hai kuch jivan ke bare mein batae aapka naam bahut suna hai maine upaaye batae

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  35. guru ji ,
    meri kundali rishab lagan ki hai
    (1 bahva me sukra) (2 bhava me surya , mangal bhudh) 3,4 bhava khali (5 bhava me ketu )( 6 bhava khali hai) (7th bhava me shani ) ( 8th bhava khali hai ) (9th bhava me chandr ) 10house khali and( 11 house me ketu) (12 th house me guru)

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  36. Param Pujya guru ji Saprem Pranaam

    Meri janm tithi hai 31 december 1987 ,06:07 Pm Up(east) Basti ,meri kundali men kendra men chandram hai ,kya ye mere jeevan ke liye subh hai? mera bhavishya kaisa hoga ,yadi kuch kathinayee hai to kripya mujhe uska upaay zaroor bataye,mujhe apse upaay aur hal janane ka poorn viswash hai

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  37. प्रणाम गुरूजी, मेरा मेरा नाम संजय है , जनम १९ अगस्त १९८० टाइम ९:४५ सुबह और स्थान सीवान (बिहार) है ! मुझे जॉब में मेरे मनमुताबिक सफलता नहीं मिल रही कठिन परिश्रम के बाद भी रिजल्ट अछा नहीं आता! मन हमेशा भटकता रहता है !मेहनत बहुत करता हु लेकिन सफलता उसके अनुसार नहीं मिल पाती है ! कृपया करके कुछ उपाए बताये ! ताकि मेरे मेहनत के अनुरूप सफलता प्राप्त हो सके !

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